इन भाषाओं में देखिए:
रूह की बारिश
रूह की बारिश, बरसा चाहती है
ख़ुदावन्द की शिफ़ा आती है ×2
प्रेम की बरखा बरसा चाहती है
ख़ुदावन्द की शिफ़ा आती है ×2
शिफ़ा का मंबा1, येसू मसीहा
छूने का उस को वक़्त है ये
अपने ईमान से उसके लहू से
पापों से धुलने का वक़्त है ये
तेरे गुनाह चाहे हों क़िरमिज़ी2
बर्फ़ की मानिंद धो देगा वो
पानी और रूह से देगा जन्म
झरनों सी ज़िन्दगी दे देगा वो
कोड़े भी खाए तेरे लिए
तेरे लिए ही वो सूली चढ़ा
कुचला गया वो तेरे लिए
तेरी शिफ़ा को ये सब सहा
उस पर नज़र कर ले ले शिफ़ा
अपने मसीहा से ले ले शिफ़ा
उसकी सलीब से ले ले शिफ़ा
उसके लहू से ले ले शिफ़ा