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इन भाषाओं में देखिए:

पहाड़ों पे हँसते हैं

पहाड़ों पे हँसते हैं मसीहा के दीवाने
पहाड़ों से कहते हैं मसीहा के परवाने

येसू नाम में उखड़ो कलाम से उखड़ो
बीमारी के, लाचारी के, नादारी के पहाड़ो
उखड़ो! उखड़ो! उखड़ो!

उन चीज़ों को बुलाते हैं
जो नहीं के जैसे हैं
नाउम्मीदी1 की हालत में ईमान लाते हैं
ये न ज़ोर से है और न ताक़त से है
पाक रूह की क़ुव्वत से कहते हैं
उखड़ो! उखड़ो! उखड़ो!

ईमान में मज़बूत हैं तमजीद करते हैं
ख़ुदावंद के वादों पे शक न करते हैं
वो लहू से धुलें और मसह से भरें
पाक रूह की क़ुव्वत से कहते हैं
उखड़ो! उखड़ो! उखड़ो!

मज़बूत हैं, पुरज़ोर2 हैं बेदिल न होते हैं
ख़ुदा के बेटे बेटियाँ शहज़ोर3 होते हैं
वो ईमान से भरें और चट्टान पर खड़ें
पाक रूह की क़ुव्वत से कहते हैं
उखड़ो! उखड़ो! उखड़ो!
  1. नाउम्मीदी : आशा का अभाव, निराशा, उम्मीद खो देने की अवस्था ↩︎
  2. पुरज़ोर : बलवान, ताक़तवर, ज़ोर से भरपूर ↩︎
  3. शहज़ोर : अत्यन्त बलवान, शक्तिशाली ↩︎