तोरी जय जय जय महाराज
तोरी जय जय जय महाराज
येसू जय जय जय महाराज
तोरी दया से संवर गए हैं मोरे सारे काज
जय जय हो जय जय हो
तू ने मोरे सब पापों का बोझ उठाया भारा है
धो गई येसू तन मन मोरा तोरे लहू की धारा है
बदल दिया है जीवन मोरा, रख ली तू ने लाज
अंधे लंगड़े और प्यासे की, प्यास बुझाई है
तोरे द्वारा येसू मैं ने ऊँच नीच न पाई है
मैं ने देखा हर कोई तोरे, गुण गाता है आज
तोरे भजन की माला जब से येसू मैं ने पाई है
तूने मोरे हृदय अंदर प्यार की जोत जगाई है
अमृत मुफ़्त पिलाए सब को, रोग मिटाए महाराज