फिर आवेगा ओह मेरी रूह दा प्यारा

फेर आवेगा ओह मेरी रूह दा प्यारा 
रूह दा प्यारा ओह मेरी जिंद दा सहारा

मेरे प्यार दी ख़ातिर उस ने आपणा रूप वटाया
असमानाँ नूँ छड्डके मेरे प्यार दी ख़ातिर आया
नूर मेरियाँ राहाँ दा सरघी1 दा ओह तारा

विगड़ी सूरत मेरे उत्ते मौत दा सी साया
उस ने आपणा रूप गंवा के मेरा रूप बणाया
मुख विखावेगा ओह मेरा बख़्शणहारा

ओहदियाँ सोचाँ दे विच्च मैं साँ जान लुटाई सी जद
पसली विच्च जद भाला खुब्भेया2 धारा वग3 पई तद
मेरे पापाँ दी मुआफ़ी4 ओह कफ़्फ़ारा5

ओह जलाली6 दिन कदों इस धरती उत्ते आवे
इस उडीक7 च जगदी है रूह मेरी एह गावे
नाल लै जावेगा ओह आवेगा दोबारा
  1. सरघी: तड़के, सुबह सवेरे ↩︎
  2. खुब्भणा: भेदना, घुसेड़ना ↩︎
  3. वगणा: बहना ↩︎
  4. मुआफ़ी: क्षमा, माफ़ी ↩︎
  5. कफ़्फ़ारा: प्रायश्चित, अटोनमेंट ↩︎
  6. जलाली: महिमा का, शानदार, महान ↩︎
  7. उडीक: इन्तिज़ार, प्रतीक्षा ↩︎