दिल से शुक्रगुज़ार हैं हम
दिल से शुक्रगुज़ार हैं हम तेरी वफ़ा के लिए
नज़्रें लेकर आएँ हैं हम अपने ख़ुदा के लिए
लंगड़े तू ही चलाए प्यार से बोले
मुर्दों को भी जिलाए ऑंखें बंद खोले
तू ने सलीब उठाई मेरी शिफ़ा के लिए
क़ीमती जान लुटाई मेरी बक़ा के लिए
ईमान से शिफ़ा को करते हैं क़ुबूल
लहू से तेरे येसू ठहरें हैं मक़बूल