तेरी हुज़ूरी का बादल

तेरी हुज़ूरी का बादल ज़ोर से बरसे 
तेरे लहू से ख़ुदावंद हर इक दिल भी धुले

ख़ून में तेरे क़ुदरत है दिलों को बदलने की ताक़त है
तेरे लहू की ये नदिया सुब्ह-ओ-शाम बहे

येसू तू प्यार का दरिया है और सच्चाई का रस्ता है
अबदी जीवन हर इक को तुझ से मुफ़्त मिले

बारिश हो रूह-ए-पाक की जुंबिश हो रूह-ए-पाक की
हर इक दिल में ऐ येसू रूह की आग लगे