त’आरीफ़ हो ख़ुदा के बर्रे की

तारीफ़ हो ख़ुदा के बर्रे की 
तारीफ़ हो ख़ुदा के बर्रे की

इज़्ज़त और जलाल क़ुदरत और कमाल
सारी चीज़ें हैं ये बर्रे की

फ़रिश्ते सुबह-ओ-शाम लेते उसका नाम
करते हैं सिताइश बर्रे की

परस्तिश हो सदा तेरी ऐ ख़ुदा
सना हो सना हो बर्रे की

येसू सरबुलंद हुआ फ़तहमंद
फ़तह ही फ़तह हो बर्रे की

येसू है अज़ीम उसकी हो ताज़ीम
सारे गाँव सना बर्रे की