कफ़्फ़ारा मेरा तू ही है

कफ़्फ़ारा मेरा तू ही है सहारा मेरा तू ही है 
मैं तेरी राहों पर चलता रहूँ मेरे ख़ुदा

फ़िदिया मेरे पापों का तू छिपने की तू ही जगह
राहों की तू है रौशनी रूह जान बदन की शिफ़ा
मसह से मुझे भर दे तू लहू से मुझे दो दे तू
मैं तेरी राहों पर चलता रहूँ मेरे ख़ुदा

तेरे सिवा कोई नहीं ज़ख़्मों को जो भर सके
अपने परों में तू छिपा बाँहों में ले ले मुझे
तसल्ली तेरी बातों में तेरे ही छिदे हाथों में
मैं तेरी राहों पर चलता रहूँ मेरे ख़ुदा