आसमानी ख़ुशी नाल
आसमानी ख़ुशी नाल भरदे मैनूँ
गीत नवाँ दिल विच्च पा
उत्तर आ उत्तर आ उत्तर आ
ऐ रूह ए पाक उत्तर आ
अमृत जल प्रभु मैनूँ पिला दे
दिल मेरे दी प्यास बुझा दे
चश्मा बनके उछल आ
आसमानी रोटी मैनूँ खिला दे
कमज़ोर दिल नूँ तगड़ा बना दे
भरपूर करके रजा
पाक रूह आ मेरे दिल दे अंदर
बन जावाँ मैं तेरा मंदर
आपणी राह मैनूँ दिखला